Breaking News
Home » India » हिंदी न्यूज़ – दिल्ली और मुंबई HC का सवालः सिनेमाहॉल में खुद का खाना-पानी ले जाने में क्या है परेशानी-PIL to allow movie-goers to carry food inside theatres Bombay HC asks how outside food in multiplexes create security issue Delhi HC seeks govt stand on carrying own food inside theatres

हिंदी न्यूज़ – दिल्ली और मुंबई HC का सवालः सिनेमाहॉल में खुद का खाना-पानी ले जाने में क्या है परेशानी-PIL to allow movie-goers to carry food inside theatres Bombay HC asks how outside food in multiplexes create security issue Delhi HC seeks govt stand on carrying own food inside theatres

दिल्ली उच्च न्यायालय ने बुधवार को उस जनहित याचिका पर आप सरकार का रुख पूछा जिसमें सिनेमाघरों के अंदर अपनी खाद्य सामग्री और पेय पदार्थ लेकर जाने की अनुमति के संबंध में दिशानिर्देश तय करने का अनुरोध किया गया है.

कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश गीता मित्तल और न्यायमूर्ति सी हरिशंकर की पीठ ने दिल्ली सरकार, पुलिस और सिनेमा ऑनर्स एंड एक्जिबिटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया को नोटिस जारी कर उनसे इस याचिका पर जवाब मांगा.

याचिका में कहा गया कि सिनेमाघरों के अंदर खाद्य सामग्री और पेय पदार्थ के लिए ग्राहकों से अत्यधिक दाम वसूले जाते हैं.

ये याचिका वकील एकता सिंह ने दायर की जिन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें दिल्ली के जंगपुरा के एक सिनेमाघर के अंदर अपनी खाद्य सामग्री और पानी की बोतल लेकर जाने नहीं दिया गया.उन्होंने आरोप लगाया कि सिनेमाघर के अंदर उपलब्ध भोजन और पेय पदार्थ के बहुत अधिक दाम वसूले जाते हैं.

वहीं बंबई उच्च न्यायालय ने महाराष्ट्र सरकार से ये स्पष्ट करने को कहा कि मल्टीप्लेक्सों में बाहर से खाने की चीजों को ले जाने की इजाज़त देने से सुरक्षा को ख़तरा कैसे हो सकता है.

न्यायमूर्ति रंजीत मोरे और अनुजा प्रभुदेसाई की पीठ मंगलवार को दायर किए गए राज्य सरकार के हलफनामे पर प्रतिक्रिया दे रहे थे. इसमें कहा गया है कि मल्टीप्लेक्सों में बाहर से खाने की चीज़ों को लाने पर लगाई गई रोक में वो हस्तक्षेप करना ज़रूरी नहीं समझते क्योंकि इससे अव्यवस्था या सुरक्षा संबंधी मसले पैदा हो सकते हैं.

पीठ ने रेखांकित किया कि अन्य सार्वजनिक स्थानों पर लोगों को घर से या बाहर से खाने की चीज़ें ले जाने पर रोक नहीं है.

अदालत ने कहा कि सरकार का हलफनामा कहता है कि इस तरह का कोई कानून या नियम नहीं है जो सिनेमा हॉल में लोगों को बाहर से खाने-पीने की चीज़ों को ले जाने से रोकता है.

उच्च न्यायालय ने कहा, ‘थिएटरों में खाने की चीज़ें ले जाने से किस तरह की सुरक्षा चिंताएं हो सकती हैं? लोगों के सिनेमा हॉल के अलावा किसी भी अन्य सार्वजनिक स्थान पर खाने का सामान ले जाने पर रोक नहीं है.’

पीठ ने जानना चाह, ‘अगर लोगों को घर का खाना विमान में ले जाने की इजाज़त दी जा सकती है तो थिएटरों में क्यों नहीं?’

उन्होंने पूछा, ‘आपको किस तरह की सुरक्षा संबंधी समस्याओं का अंदेशा है?’

अदालत ने मल्टीप्लेक्स ओनर्स असोसिएशन की ओर से पेश हुए वरिष्ठ वकील इकबाल चागला की इस दलील को भी खारिज़ कर दिया कि कोई सिनेमाघरों के अंदर खाना ले जाने की इजाज़त मांगने के लिए अपने मौलिक अधिकारों का हवाला नहीं दे सकता है.

पीठ ने कहा, ‘मल्टीप्लेक्सों में खाना बहुत महंगा बेचा जाता है. घर से खाना लाने पर रोक लगाकर आप परिवारों को जंक फूड खाने के लिए मजबूर कर रहे हैं.’

अदालत में वकील आदित्य प्रताप के ज़रिए जनहित याचिका दायर की गई है जिसमें मल्टीप्लेक्सों में बाहर से खाना लाने पर रोक को हटाने की मांग की गई है.

Source

Loading...

Check Also

हिंदी न्यूज़ – प. बंगाल में भी एनआरसी चाहते हैं असम के पूर्व मुख्यमंत्री प्रफुल्ल महंत-Ex-Assam CM Mahanta wants NRC in West Bengal

राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) पर चल रहे विवाद के बीच असम के पूर्व मुख्यमंत्री प्रफुल्ल ...

Social Media Auto Publish Powered By : XYZScripts.com
Loading...